एमिटी इंस्टीटयूट फॉर कंपटिटिव एक्जामिनेशन्स ने किया मेधावी छात्रों को सम्मानित

EROS TIMES: एमिटी इंस्टीटयूट फॉर कंपटिटिव एक्जामिनेशन्स द्वारा 2023 -24 में विभिन्न प्रतियोगी परिक्षाओं जैसे आईआईटी -जेईई, नीट आदि में उच्च रैंक हासिल करने वाले छात्रों को आज आई टू ब्लाक सभागार, एमिटी विश्वविद्यालय में सम्मानित किया गया।
इस सम्मान समारोह में दिल्ली के एम्स के निदेशक डा. श्रीनिवास एम, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की डीन डा. पूनम नांरंग, एमिटी विद्यालय समूह की चेयरपरसन डा. अमिता चौहान, यूसीएमएस के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रमुख डा. एस वी मधु, एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा. बलविंदर शुक्ला और एमिटी इंस्टीटयूट फॉर कंपटिटिव एक्जामिनेशन्स की निदेशक मीनाक्षी रावल द्वारा छात्रों को पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के 90 से अधिक छात्रों को पुरस्कृत किया गया।

दिल्ली के एम्स के निदेशक डा. श्रीनिवास एम ने कहा कि आज का दिन आपकी उपलब्धियों के उत्सव का दिन है जिसमें आपके शिक्षक और आपके अभिभावको का योगदान भी है। इन उपलब्धियों के पीछे आपकी कड़ी मेहनत, एमिटी के शिक्षकों का मागदर्शन और प्रोत्साहन, अभिभावको का समर्थन व्याप्त है। वर्तमान के प्रतियोगी युग में आपके पास ढेरों अवसर और विषय उपलब्ध है। भविष्य में जब उच्च शिक्षा के लिए आगे जायेगें तो कई नई परेशानियां आयेगी जैसे परिवार से दूरी, संस्थान में परेशानी, भोजन हो सकता है रैगिंग, किंतु घबराये नही सदैव अपने परिवार के लोगों, मि़त्रों और शिक्षकों से अपनी समस्याओ को साझा करे और तनाव बिलकुल ना लें। उन्होनें छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि अपनी समस्याओं से मुक्ती पाने के लिए कभी भी नशीले प्रदार्थो का सेवन ना करें, चिकित्सक होने के कारण मुझे पता है कि नशा किसी भी प्रकार का हल नही है बल्कि यह आपके शारिरीक एवं मानसिक स्वास्थय को प्रभावित करता है। आपको विद्यालय एवं घरों से अच्छे संस्कार एवं शिक्षण वातावरण मिला है इसलिए आप जीवन में अवश्य सफल होगें।

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की डीन डा. पूनम नांरंग ने कहा कि इन उपलब्धियों के साथ आप पर नई जिम्मेदारीयां आ गई | अब आप राष्ट्र निर्माण के पथ पर आगे बढ़ रहे है। डा. नारंग ने कहा कि प्रतियोगीता एक बड़ा प्रोत्साहन होती है, किंतु जीवन किसी प्रतिस्पर्धा जीतने से बहुत बड़ा है इसलिए शिक्षको से मार्गदर्शन प्राप्त करना, मित्रों एवं परिवार के साथ बातचीत सदैव जारी रखे। कठिन मेहनत का कोई भी विकल्प नही होता, हर छात्र अपना पूर्ण योगदान देता है इसलिए सदैव उनकी सहायता करे, जिन्हे मदद की आवश्यकता है। अपने अनुभवों से सीखें और तनाव से निपटना सीखे।

आज हम विश्व में स्वास्थय देखभाल पर पहले पायदान पर है और आपको इस देश को और आगे ले जाना है। जीवन में चाहे जीतने सफल बने उससे पूर्व एक अच्छा इंसान बनें।
एमिटी विद्यालय समूह की चेयरपरसन डा. अमिता चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि आज से आपके एक नये महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत हो रही है और छात्रों की उपलब्धियों के उत्सव में आज छात्र, अभिभावक एवं शिक्षक शामिल है। आपकी यह उपलब्धियां हम सभी की प्रसन्नता का कारण बन रही है। एमिटी मे हम छात्रों को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के अवसर व प्रोत्साहन के साथ छात्रों को नवाचार करने का वातावरण प्रदान करते है। इस अवसर पर उन्होनें छात्रों को उज्जवल भविष्य के लिए भगवान बुद्ध द्वारा प्रदान किया गया ‘‘आत्म दीपो भव’’ का मंत्र बताया।

यूसीएमएस के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रमुख डा. एस वी मधु ने कहा कि आपकी सफलता के तीन मुख्य कारण आपकी कड़ी मेहनत, एमिटी विद्यालय का मार्गदर्शन, अभिभावको का प्रोत्साहन शामिल है और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते रहे, शिक्षको से मार्गदर्शन लेते रहे और परिवार से जुड़ रहे। नेतृत्व करना लोगों का प्रबंधन करना नही है यह आपके दृष्टिकोण का विकास, समस्या का निवारण, ध्यान केन्द्रीकरण आदि है। स्वंय के अदंर स्वस्थ जीवनशैली विकसित करें।

एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा. बलविंदर शुक्ला ने कहा कि विकसित भारत मिशन में आपका योगदान सुनिश्चित करना आवश्यक है आप छात्र, कल का भविष्य होगें जो देश में विभिन्न पदों पर बैठकर देश को नये विकास की राह पर ले जायेगें। एमिटी सदैव छात्रों के पूर्ण विकास हेतु प्रतिबद्ध है।

एमिटी इंस्टीटयूट फॉर कंपटिटिव एक्जामिनेशन्स की निदेशक मीनाक्षी रावल ने स्वागत करते हुए एमिटी इंस्टीटयूट फॉर कंपटिटिव एक्जामिनेशन्स के मिशन और छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयार करने हेतु संचालित किये जा कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी दीै।

इस अवसर पर एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा. डब्लू सेल्वामूर्ती ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डा. डी के बंधोपध्याय सहित विभिन्न एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या भी उपस्थित थे।

  • admin

    Related Posts

    एमिटी विश्वविद्यालय में ‘‘साइ – कॉन 2025’’ इनोवेट एंड इटीग्रेटेड इंर्टनशिप कार्यक्रम का आयोजन

    EROS TIMES: विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी के छात्रों को इंर्टनशिप के महत्व को बताने और उद्योगों की अपेक्षाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय के विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी डोमेन…

    वक़्फ बोर्ड में ऐसा क्या है? जिसके बदलाव से मुसलमान है डरा हुआ!

    EROS TIMES: भारत में रेलवे और रक्षा मंत्रालय के बाद सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास बताई जाती है। जबकि मुस्लिम समाज का साफ़ कहना है पता नही ये…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    एमिटी विश्वविद्यालय में ‘‘साइ – कॉन 2025’’ इनोवेट एंड इटीग्रेटेड इंर्टनशिप कार्यक्रम का आयोजन

    • By admin
    • April 3, 2025
    • 7 views
    एमिटी विश्वविद्यालय में ‘‘साइ – कॉन 2025’’ इनोवेट एंड इटीग्रेटेड इंर्टनशिप कार्यक्रम का आयोजन

    वक़्फ बोर्ड में ऐसा क्या है? जिसके बदलाव से मुसलमान है डरा हुआ!

    • By admin
    • April 3, 2025
    • 12 views
    वक़्फ बोर्ड में ऐसा क्या है? जिसके बदलाव से मुसलमान है डरा हुआ!

    वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हमे तसल्ली दे सकती है लेकिन हमें जीतने की रणनीति पर काम करना होगा।- देवेन्द्र यादव

    • By admin
    • April 3, 2025
    • 8 views
    वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हमे तसल्ली दे सकती है लेकिन हमें जीतने की रणनीति पर काम करना होगा।- देवेन्द्र यादव

    एमिटी विश्वविद्यालय में ‘‘लैंगिक संवेदनशीलता और यौन उत्पीड़न की रोकथाम के बारे में जागरूकता’’ पर कार्यशाला का आयोजन

    • By admin
    • April 3, 2025
    • 8 views
    एमिटी विश्वविद्यालय में ‘‘लैंगिक संवेदनशीलता और यौन उत्पीड़न की रोकथाम के बारे में जागरूकता’’ पर कार्यशाला का आयोजन

    सांसद ने नॉएडा-ग्रेटर नॉएडा मेट्रो के लंबित प्रोजेक्ट का मुद्दा लोकसभा (सदन) में उठाया

    • By admin
    • April 3, 2025
    • 6 views
    सांसद ने नॉएडा-ग्रेटर नॉएडा मेट्रो के लंबित प्रोजेक्ट का मुद्दा लोकसभा (सदन) में उठाया

    बदलते परिवेश में कार्य शैली बदलनी होगी-आर्य रविदेव गुप्त

    • By admin
    • February 27, 2025
    • 129 views
    बदलते परिवेश में कार्य शैली बदलनी होगी-आर्य रविदेव गुप्त